निगम करा रहा ज़मीन कर कब्ज़ा – दैनिक जागरण – 19-Nov-2014

November 19, 2014 - Uncategorized

अपनी पोल न खुल जाए इसके लिए नगर निगम अधिकारी ही लोगों को गलत रास्ता अख्तियार करने की सलाह दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सिकंदरपुर में सामने आया है। निगम अधिकारियों ने गलत तरीके से सरकार द्वारा दिए गए प्लाट पर बने मकान को ढहाया और मामला तूल न पकड़ जाए तो पीड़ितों को डीएलएफ फेस वन एवं सिकंदरपुर से सटे नाले पर कब्जा करने की सलाह दे डाली। साथ ही एक होटल वाले से कुछ आर्थिक मदद भी करा दी। इसके चलते अब दो-तीन लोग नाले पर मलबा, मिट्टी डालकर जगह को समतल करने पर लगे हैं।

सिकंदरपुर मार्बल मार्केट के समीप स्थित एक होटल के आगे आठ-दस मकान बने थे। इसके चलते होटल का अगला हिस्सा नजर नहीं आता था। इस पर सांठगांठ कर योजनाबद्ध तरीके से इन मकान को ढहा दिया गया। जबकि जिस जमीन पर मकान बने थे वह प्लाट सरकार द्वारा राजीव आवास योजना के तहत गरीबों को दिए गए थे। मकान ढहाने के बाद जमीन को समतल कर दिया गया। इससे होटल अब दूर से ही नजर आने लगा और उसकी सुंदरता भी बढ़ गई। बाद में जब पीड़ित लोगों ने विरोध के स्वर बुलंद किए तो सच्चाई जानने पर अधिकारियों के भी हाथ-पैर फूल गए। मामला दबाने के लिए उन्होंने होटल वाले से एक-दो पीड़ित की आर्थिक मदद करने को कहा। साथ ही सौ गज के बजाए अधिक जमीन दिलाने के सब्जबाग दिखाए। एक-दो लोगों को डीएलएफ फेस वन के एच ब्लाक एवं सिकंदरपुर से सटकर निकल रहे नाले पर कब्जा करने का इशारा कर दिया। इसके चलते यह लोग नाले को भरावा कर उस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता सहित दूसरे अधिकारी भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। साथ ही पूर्व अधिकारियों द्वारा उपकृत मेयर की टीम भी इस मामले को लेकर मौन है।

कई कालोनाइजरों का भी कब्जा

नाले पर अकेले यह लोग कब्जा नहीं कर रहे बल्कि कई कालोनाइजरों ने भी धीरे-धीरे नाले का भराव कर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। यहां तक पुलिस थाने वालों ने भी नाले का भराव कर वहां पार्किंग साइड का निर्माण कर दिया है।

जल भराव की समस्या

अधिकतर नालों पर कब्जा हो चुका है। अर्जुन नगर, न्यू कालोनी सहित कई जगहो पर नालों के ऊपर मकान से लेकर दुकान तक का निर्माण हो चुका है।

मामले की जांच के लिए गठित हो कमेटी

”यह एक बहुत बड़ा स्कैंडल है और इसके लिए अलग से एक जांच कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। पहले निगम ने सरकार द्वारा दिए गए प्लाट पर बने मकान को ढहाकर होटल वाले को फायदा पहुंचाया फिर पीड़ित को कब्जा करने के लिए उकसा दिया है। भविष्य में उसके खिलाफ कार्रवाई हुई तो अधिकारी तो अपने हाथ झटक देंगे। साथ ही अब निगम इन प्लाट मालिकों को शहर में दूसरी जगह प्लाट देने की योजना बना रहा है। ताकि मामला दबा रहे लेकिन हम इसका विरोध कर मामले की जांच कराएंगे और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही मुआवजा भी उनकी जेब से निकलवाएंगे।”

-सुनीता यादव, पार्षद वार्ड 33।

गड़बड़ी है, तो जांच कराएंगे

”निगम कहीं पर भी किसी को कब्जा नहीं करा रहा उल्टे दस्ता सरकारी जमीन से कब्जे हटाने का काम करता है। बावजूद यदि कहीं पर किसी स्तर पर गड़बड़ी हो रही है, तो उसकी जांच कराने में जरा भी देर नहीं करेंगे।”

-विकास यादव, निगमायुक्त।

 

Dainik Jagran

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