50 एकड़ पर कब्ज़ा, निगम बेसुध – दैनिक जागरण – 20-Nov-2014

November 20, 2014 - Uncategorized

इसे नगर निगम की लापरवाही कहें या फिर उसकी उदासीनता कि वह अपनी करोड़ों रुपये की जमीन की सुध ही नहीं ले रहा है। जबकि इस जमीन का कालोनाइजर से लेकर गांव के लोग उपयोग कर रहे हैं। अकेले बादशाहपुर क्षेत्र में करीब पचास एकड़ जमीन पर कब्जा है, लेकिन निगम अधिकारी बेसुध हैं। इनमें से कई के मामले कोर्ट में चल रहे हैं और उनमें से पांच एकड़ जमीन का केस निगम जीत भी चुका है। बावजूद निगम अधिकारी उस जमीन पर कब्जा लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

जिस प्रकार की नगर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली है उससे तो लगता है कि वह खुद ही अपनी जमीन पर कब्जा करा रहा है। इसके लिए निगम के मातहत अधिकारी कब्जेदारों से मिले हुए नजर आ रहे हैं। यही कारण हैं कि निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से लेकर राजस्व अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इस संबंध में मेयर विमल यादव को राजस्व एवं जिला न्यायवादी से कुछ दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेज के आधार पर सेक्टर 67 से सटी पांच एकड़ जमीन का केस नगर निगम हाईकोर्ट में जीत चुका है। कोर्ट ने निगम को जमीन का मालिक बता दिया लेकिन अभी तक निगम ने इस जमीन पर कब्जा लेने की दिशा में अपने कदम आगे नहीं बढ़ाए हैं। इसी के चलते इस जमीन पर आज भी गांव के लोगों का कब्जा है और वह इसके मालिक बने हुए हैं। इसी प्रकार सेक्टर एवं कालोनाइजर एरिये में भी निगम की कई एकड़ जमीन पर स्थायी रूप से कब्जा किया हुआ है। निगम के राजस्व विभाग ने इस बारे में अपनी रिपोर्ट मेयर विमल यादव के अलावा निगमायुक्त एवं जिला न्यायवादी को सौंपी है लेकिन कोई भी इसको लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि मेयर विमल यादव अब अवश्य इस मामले में गंभीर नजर आ रहे हैं और निगमायुक्त विकास यादव से भी इस बारे में चर्चा की है।

लोग भी कब्जा करने में पीछे नहीं

बादशाहपुर एवं उससे सटे क्षेत्र की करीब 50 एकड़ जमीन पर कब्जा है। इसमें से करीब तीस एकड़ कालोनाइजर ने तो बाकी बीस एकड़ जमीन स्थानीय लोगों के कब्जे में है। लोगों द्वारा कब्जा करने के कारण ही वह कालोनाइजर के खिलाफ मोर्चा नहीं खोल रहे हैं।

मिलीभगत के संकेत

विकास कार्य एवं अतिक्रमण विरोधी दस्ते के अधिकारी इतनी जमीन पर कब्जे के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इससे कब्जे के इस खेल में उनकी मिलीभगत के संकेत नजर आ रहे हैं। मेयर विमल यादव के निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं करने से साफ है कि नीचे से लेकर ऊपर तक सभी कहीं ने कहीं इस खेल में शामिल हैं या फिर उनके ऊपर दबाव है।

निगमायुक्त के सामने रखे दस्तावेज

”बादशाहपुर में पचास एकड़ जमीन पर कब्जे संबंधी जानकारी के दस्तावेज निगमायुक्त के सामने रखकर उन्हें इसकी जानकारी दी है। वह खुद भी हैरान हैं। उन्होंने इस मामले में ठोस कदम उठाने के अलावा संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता को लेकर जवाब तलब करने का आश्वासन दिया है। करोड़ों रुपये की इस जमीन पर किसी भी सूरत में कब्जा हटाया जाएगा। इस जमीन पर जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य कराने का प्रयास रहेगा।”

-विमल यादव, मेयर।

 

Dainik Jagran

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