6000 लकी अभी करेंगे इंतज़ार – नवभारत टाइम्स – 26-Nov-2014

November 27, 2014 - Uncategorized

25,040 फ्लैटों की इस स्कीम के लिए अगले साल 1 जनवरी से लोगों को पजेशन देना शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन इसमें रोहिणी बरवाला और सीरसपुर में बने करीब 6 हजार फ्लैटों के लिए फिलहाल कब्जा नहीं दिया जाएगा। क्योंकि इन फ्लैटों का मामला फिलहाल कोर्ट में चल रहा है और यहां अभी तक बिजली और पानी की भी सुविधा नहीं पहुंचाई जा सकी है।

इस वजह से डीडीए की इस स्कीम में जिन लोगों के इन जगहों पर फ्लैट निकले हैं। उन्हें थोड़ी परेशानी के साथ कुछ महीनों का इंतजार करना पड़ सकता है। पता लगा है कि जिन फ्लैटों का फिलहाल पजेशन नहीं दिया जाएगा। इनमें रोहिणी में 3,114 और सीरसपुर में 2,840 फ्लैट हैं। डीडीए के वाइस चेयरमैन बलविंदर कुमार का कहना है कि उम्मीद है कि इन 5,954 फ्लैटों की समस्या अगले साल मार्च के अंत तक खत्म कर ली जाएगी और फिर सफल आवेदक इनकी पूरी पेमेंट जमा कराते रहेंगे। उन्होंने बताया कि मार्च तक इन सभी का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

जानकारों का कहना है कि इन फ्लैटों के भविष्य को लेकर अभी डीडीए अपनी ओर से कुछ साफ-साफ नहीं कहना चाहता है। चूंकि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। डीडीए को बस यह उम्मीद है कि कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आएगा और अगर फैसला पक्ष में नहीं आया तो इन फ्लैटों का आवंटन लटक सकता है। डीडीए ने यह भी बताया है कि एरिया और फ्लोर वाइज भी फ्लैटों के रेट अलग-अलग होंगे। मगर इन रेटों में बहुत अधिक अंतर नहीं होंगे। डीडीए का कहना है कि फ्लैटों के अलॉटमेंट की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इसके लिए सभी सफल आवेदकों को जल्द ही एक अलग से आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। इसके बाद यह आवेदक अपने आप बिना डीडीए की दखलंदाजी के अपने इस अकाउंट को खोलकर अपने फ्लैट का स्टेटस जान सकेंगे। इसमें उन्होंने कितना पेमेंट जमा किया है कितना बाकी बचता है और अगर देरी से पेमेंट जमा की गई है तो उसपर कितना ब्याज लगाया गया है। इस तरह की तमाम जानकारियां आवेदक के अकाउंट में अपडेट होती रहेंगी।

डीडीए ने बताया कि अब 15 दिन बाद एक कैंप लगाया जाएगा। इसमें सफल आवेदक अपने ओरिजिनल दस्तावेज लाएंगे। इसमें खासतौर से डिसएबल्ड और तमाम तरह की रिजर्व कैटिगरी के दस्तावेज चेक किए जाएंगे। संतुष्टि होने और पूरी पेमेंट जमा करने वाले आवेदक को फ्लैट का अलॉटमेंट देना शुरू कर दिया जाएगा।

जानकारों का कहना है कि इस स्कीम के लिए सबसे अधिक फ्लैट बरवाला, नरेला और सीरसपुर में ही बने हुए हैं। इनमें बरवाला और सीरसपुर में बन रहे अधिकतर फ्लैटों का निर्माण चल रहा है। इसे महाराष्ट्र की एक कंपनी बना रही है। सूत्रों का कहना है कि निकट भविष्य में यहां पानी की समस्या का समाधान होने का तो कोई चांस दिखाई नहीं दे रहा है। इस बीच पानी की कमी को ग्राउंड वॉटर से दूर करने की योजना है, जबकि बिजली की समस्या खत्म करने के लिए जिन इलाकों से बिजली की तारें आनी हैं और जहां उसके लिए सब-स्टेशन बनाया जाना है। उसमें भी दिक्कतें आ रही हैं।

 

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